आचार संहिता कब से लागू होगी 2018- 2019 आचार सहिता क्या है?

नमस्कार दोस्तों आज मै आप से आचार संहिता पर बात करने वाला हु | चुनाव के वक्त आप ने इस नाम को जरुर सुना होगा की आचार संहिता लागु हो चुकी है आखिर क्या है, आचार संहिता कब से लागू होगी, आचार संहिता लागु होने के बाद किन नियमो का पालन करना पड़ता है, आचार संहिता कौन लगाता है, आचार संहिता क्यों लगाया जाता है और आचार संहिता कब लगाया जाता है |

जब किसी राज्य में या केन्द्र में चुनाव होने वाला होता है तो चुनाव आयोग के अधिकारी मिलकर प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव तिथि का अनाउंसमेंट करते है | चुनाव आयोग के तिथि अनौंसमेंट के बाद आचार संहिता लागु हो जाता है |

आचार संहिता कब से लागू होगी? आचार संहिता क्या है

आचार संहिता चुनाव आयोग द्वारा लागु किया जाता है चुनाव आयोग जो चुनाव को कंडक्ट करता है ,चुनाव कराता है ,चुनाव सुचारू रूप से हो ,ईमानदारी के साथ हो इसके लिए चुनाव आयोग कुछ नियमो को सामने रखता है | जिसे आचार सहित का नाम दिया गाय है

नियमो का पालन सभी पार्टी को करना पड़ता है और इन्ही नियमो को आचार संहिता कहा जाता है | राज्यों में चुनाव की तारीख के एलान के बाद वह आचार सहित लागु हो जाता है | चुनाव आचार सहित लागु होते ही वह के प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग जाते है सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रकिर्या पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते है | वे निर्वाचन आयोग में रहकर इनके दिशा निर्देश पर काम करते है |

आचार संहिता के नियम

आचार संहिता के अन्दर जो दल सत्ता में है प्रचार कैसे हो ,वोट कैसे डाले जाये ,चुनाव को कैसे कराया जाये .एक कैंडिडेट दुसरे कैंडिडेट को कैसे आरोप लगा सकता है निजी तौर पर लगा सकता है या नीतियों पर लगा सकते है ऐसे बहुत सारे चीजे है |

आचार संहिता कब से लागू होगी,

जिसके ऊपर स्पेसिफी करके नियम बनाये गए है | जैसे कोई पार्टी सत्ता में है और चुनाव आता है तो अपनी सरकारी संसाधन का उपयोग चुनाव में कर सकता है ऐसे में चुनाव आयोग आचार संहिता के द्वारा ये सुनिश्चित करता है की वो किसी तरह के सरकारी संसाधन का उपयोग चुनाव प्रसार में न करे |

लाउडस्पीकर कैसे use किया जाये, कितने डिसएबल में use किया जाये ,किस क्षेत्र में लाउडस्पीकर use करना है और किस इलाका में use नहीं करना है ये सब आचार सहित के अन्दर आता है | अगर कोई व्यक्ति मीटिंग करना चाहता है ,जुलुश निकलना चाहता है ,या रैली करना चाहत है जैसे आपने देखा होगा चुनाव के समय बड़े बड़े नेता करते है लेकिन इन सब चीजो को करने से पहले चुनाव आयोग से अनुमति लेनी पड़ती है |

चुनाव आयोग आचार सहित के नियम के आधार पर यदि वह पर रैली करना,जुलुश निकलना ,मीटिंग करना उचित होगा तो वे अनुमति देंगे नहीं तो नहीं देंगे |

जैसे कोई भी पार्टी की सरकार है वो भी चुनाव में भाग लेंगी ऐसे में हो सकता है चुनाव के वक्त वो कुछ नीतिओ का घोषणा कर दे जो जनहित में अत्यधिक हो और जनता प्रभावित होकर उन्हें वोट दे दे  ऐसे में चुनाव आयोग आचार सहित के अंतर्गत इन नियमो का वणन करती है की आचार सहित लागु होने के बाद कोई भी पार्टी जो सत्ता में हो चाहे वह केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार हो कोई भी सरकार कोई नयी घोषणा नही कर सकती है या कोई नयी निति नहीं बना सकती है | ताकि वो वोटरों को न लुभा सके |

आप किसी को पैसे देकर वोट नहीं खरीद सकते है ,अगर कोई व्यक्ति मतदान करने जाता है तो कोई भी पार्टी का कार्य करता उनके साथ मतदान सेन्टर तक नही ला  सकता है आचार सहित ने इसे बंद कर दिया है | जो भी व्यक्ति मतदान करना चाहता है वो स्वयं मतदान  सेन्टर तक अपने साधन से जायेगा और अपना वोट देगा | ये कुछ चीज है जिन्हें आचार सहित ने निहित की है |

उम्मीद करता हु आपको यह समझ आ गया होगा की आखिर ये आचार सहित क्या होती है और चुनाव के समय में यह शव्द क्यों सुनाई देता है, अगर हमसे कोई जानकारी छुट गयी हो तो आप हमे निचे कमेंट बॉक्स में बता सकते है.

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